
Friday, 6 April 2012
Thursday, 5 April 2012
Monday, 2 April 2012
आँखें भी बोलती हैं...
बेशुमार चाहत थी
इन उदास आँखों में
जो आंसुओं से लिपटकर छलकना चाहती थीं,मगर
पलकों तक आते-आते
सूख गयीं
मैं जानता हूँ
कि तुमने तबस्सुम से सराबोर
अपने अल्फ़ाजों को
दफ़्न कर रखा है,अपने वजूद में ही कहीं
क्या हो जाता,जो और एक पल
अपनी आँखें खुली रखते
बयां हो जाने देते अपनी आँखों से ही
मुहब्बत की वो एक अनकही दास्तां
शायद तुम आज भी इस बात से अन्जान हो
कि आँखें भी बोलती हैं...
बेवफा तुम थे
चाहत मेरी भी थी तुमसे
और मुहब्बत तुम भी करते थे
इस बात से न मै बेखबर था
न ही तुम अन्जान
मगर जब चुन ही लिया है
तुमने कोई और हमसफ़र तो
मत सुनाओ मुझसे अपनी मजबूरियों का सबब
मैं जनता था
कि तुम मेरे साथ
इन कंटीले रास्तों पर चल नहीं पाओगे
बीच राह में मुझे तन्हा छोड़कर
कहीं और चले जाओगे
तुम चले तो गए
पर मैं तन्हा नहीं हुआ
मैं आज भी चीख-चीख कर कहता हूँ
तुम्हारी यादों से
कि चली जाओ मुझे छोड़कर
मुझसे दूर बहुत दूर बहुत दूर कहीं
मगर वो नहीं जाती
जानते हो क्यूँ
क्यूंकि बेवफा तुम थे
तुम्हारी यादें नहीं.
एक बूंद.......
गर्मी की तपिश में
तुम्हारे माथे से निकली हुई
तुम्हारे माथे से निकली हुई
पसीने की वो इक बूंद
किस कदर तुम्हारे जिस्म को
सराबोर करती हुई समा गयी थी
उस बंज़र ज़मीं में
उसी बूंद से निकला था
यह पौधा शायद
जो आज एक पेड़ बन चुका है
तब बहुत ग़मज़दा था मै
कि,तुम्हारे पलकों की एक छांव न पा सका
मगर आज सुकून है मुझे
कि जिस पेड़ कि छाँव में मै हूँ
वो तेरी बूंद से है....
Tuesday, 14 February 2012
मेरा आज का वेलेंटाइन डे
आज सुबह अस्पताल के कैंटीन से
जब मै चाय लेकर लौटा
तो सबकी तरह मैंने भी एक गुलाब लिया
सोचा कब फुर्सत मिले
कि आज मै भी इसे किसी को देकर
अपने दिल में दबी चाहत की परत
उसके सामने खोलूं
जैसे ही मौका मिला
मैंने एक खुबसूरत सी लड़की को
हॉस्पिटल के लिफ्ट कि तरफ जाते देखा
मै भी उसके पीछे घोड़े कि रफ़्तार से
सरपट भाग उसके साथ हो लिया
बड़ा ही खुश था मै,मौका भी अच्छा था
लिफ्ट मै और वो अकेले थे
जैसे ही उससे कुछ कहने के लिए
मैंने उसकी तरफ देखा
तो लगा जैसे उसकी उदास आँखें
कुछ तलाश रही हों
मेरे हाथों से गुलाब छुट गया
मैंने उससे पूछा- क्या हुआ
वह खामोश रही
फिर मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा और पूछा
इतनी उदास क्यूँ हो
और फिर वो ........
मेरे सीने से लगकर रोने लगी
मुझे एक छोटी सी नेकर और टी शर्ट दिखाई
उसकी आवाज़ जैसे कहीं खो गयी थी
मै हैरान था इतने में लिफ्ट रुकी
और कुछ लोग उसके पास आये
मैंने उनसे भी पूछा क्या बात है?
लोगों ने जवाब दिया इसका बच्चा
अब इस दुनिया में नहीं रहा
मै बोझल पलकों के साथ सोचने लगा
काश मै अभी एक छोटा बच्चा बन जाता
तो भर देता शायद उसकी सुनी गोद,
मुझे भी मिलता उसकी गोद में अथाह
मात्री सुख...
मेरे अन्दर कि भावना अब बदल चुकी थी
जिसमे मै आज किसी के
सीने से नहीं कलेजे से लगा!!!!
आज सुबह अस्पताल के कैंटीन से
जब मै चाय लेकर लौटा
तो सबकी तरह मैंने भी एक गुलाब लिया
सोचा कब फुर्सत मिले
कि आज मै भी इसे किसी को देकर
अपने दिल में दबी चाहत की परत
उसके सामने खोलूं
जैसे ही मौका मिला
मैंने एक खुबसूरत सी लड़की को
हॉस्पिटल के लिफ्ट कि तरफ जाते देखा
मै भी उसके पीछे घोड़े कि रफ़्तार से
सरपट भाग उसके साथ हो लिया
बड़ा ही खुश था मै,मौका भी अच्छा था
लिफ्ट मै और वो अकेले थे
जैसे ही उससे कुछ कहने के लिए
मैंने उसकी तरफ देखा
तो लगा जैसे उसकी उदास आँखें
कुछ तलाश रही हों
मेरे हाथों से गुलाब छुट गया
मैंने उससे पूछा- क्या हुआ
वह खामोश रही
फिर मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा और पूछा
इतनी उदास क्यूँ हो
और फिर वो ........
मेरे सीने से लगकर रोने लगी
मुझे एक छोटी सी नेकर और टी शर्ट दिखाई
कि आज मै भी इसे किसी को देकर
अपने दिल में दबी चाहत की परत
उसके सामने खोलूं
जैसे ही मौका मिला
मैंने एक खुबसूरत सी लड़की को
हॉस्पिटल के लिफ्ट कि तरफ जाते देखा
मै भी उसके पीछे घोड़े कि रफ़्तार से
सरपट भाग उसके साथ हो लिया
बड़ा ही खुश था मै,मौका भी अच्छा था
लिफ्ट मै और वो अकेले थे
जैसे ही उससे कुछ कहने के लिए
मैंने उसकी तरफ देखा
तो लगा जैसे उसकी उदास आँखें
कुछ तलाश रही हों
मेरे हाथों से गुलाब छुट गया
मैंने उससे पूछा- क्या हुआ
वह खामोश रही
फिर मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा और पूछा
इतनी उदास क्यूँ हो
और फिर वो ........
मेरे सीने से लगकर रोने लगी
मुझे एक छोटी सी नेकर और टी शर्ट दिखाई
मै हैरान था इतने में लिफ्ट रुकी
और कुछ लोग उसके पास आये
मैंने उनसे भी पूछा क्या बात है?
लोगों ने जवाब दिया इसका बच्चा
अब इस दुनिया में नहीं रहा
मै बोझल पलकों के साथ सोचने लगा
काश मै अभी एक छोटा बच्चा बन जाता
तो भर देता शायद उसकी सुनी गोद,
मुझे भी मिलता उसकी गोद में अथाह
मात्री सुख...
मेरे अन्दर कि भावना अब बदल चुकी थी
जिसमे मै आज किसी के
सीने से नहीं कलेजे से लगा!!!!
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