हर घड़ी मुझको यह एहसास हुआ करता है
तेरा वजूद मेरे साथ हुआ करता है
मौत मिल जाए मुझे दूरियां तुमसे ना बढ़े
रात दिन रब से मेरा दिल यह दुआ करता है
अब तो बढ़ने लगे हैं कितने ही दुश्मन अपने
अपनी राहों में देखो कौन धुंआ करता है
कितनी बेचैन है धड़कन ये देखो ख्वाब में भी
सिर्फ और सिर्फ तेरे साथ हुआ करता है
जख्मों को भी मेरे अक्सर सुकून मिल जाता है
कोई चुपके से मेरा हाथ छुआ करता है
मुझ में होकर भी मेरे होने का एहसास नहीं
बेरहम कैसा 'सहर' प्यार हुआ करता है
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